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रेल भूमि विकास प्राधिकरण (रे.भू.वि.प्रा.) रेल मंत्रालय के अधीन एक सांविधिक प्राधिकरण है। इसकी स्थापना गैर-भाडा उपायो द्वारा राजस्व अर्जन के उद्देश्य से रेल भूमि का वाणिज्यिक विकास करने के लिये रेल अधिनियम १९८९ मे संशोधन करके हुई थी। दिनांक ०५.०१.२००७ की यथासंशोधित असाधारण राजपत्र अधिसूचना दिनांक ३१.१०.२००६ की शर्तो के अनुसार रे.भू.वि.प्रा. का गठन पहले ही हो गया है। रे.भू.वि.प्रा. के प्रचालन हेतु नियमो को भी दिनांक ०४.०१.२००७ के असाधारण राजपत्र मे अधिसूचित किया गया है। भारतीय रेल (आई.आर.) के पास करीब ४३००० हेक्टेयर भूमि खाली पडी है। जोनल रेलवे द्वारा भविष्य मे प्रचालनार्थ आवश्यक भूमि की पहचान की जायेगी और उसका ब्यौरा रेलवे बोर्ड को सूचित किया जायेगा।  भूमि के ऐसे प्लाटो को बाद मे रेलवे बोर्ड द्वारा रे.भू.वि.प्रा.को वाणिज्यिक विकास के लिये सौंप दिया जायेगा।

 

RLDA (Constitution) Amendment Rules, notified on October 31, 2006 & October 18, 2005
RLDA (Constitution) Rules, 2007, notified on 4th January 2007.
RLDA (Constitution) Amendment Rules, 2007, notified on 8th August 2007.
RLDA (Constitution) Amendment Rules, 2008, notified on 25th June 2008
RLDA (Constitution) Amendment Rules, 2009, notified on 4th September 2009
RLDA Transaction of Business Rules
RLDA Regulations on development of Land

RLDA (Constitution) Amendment Rules, 2020, notified on 13th January 2020



Source : रेल भूमि विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर आपका स्वागत है ! ! CMS Team Last Reviewed on: 17-06-2020  

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